शब्द शक्ति से सम्बंधित प्रश्न शब्द शक्ति किसे कहते हैं?

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शब्द शक्ति से सम्बंधित प्रश्न  शब्द शक्ति किसे कहते हैं?






शब्द शक्ति से सम्बंधित प्रश्न

 शब्द शक्ति किसे कहते हैं?

जिसमें शब्द का अर्थ बोध कराने की शक्ति हो उसे शब्द कहते हैं तथा शब्दों के अर्थ को जिन रीतियों से ग्रहण किया जाता है, उन्हें ही हम शब्द शक्ति कहते हैं।

शब्द शक्ति के कितने भेद हैं?

शब्द शक्ति के तीन भेद हैं:-
1)-अभिधा शब्द शक्ति
2)-लक्षणा शब्द शक्ति
3)-व्यंजना शब्द शक्ति

अभिधा शब्द शक्ति किसे कहते हैं?

जिस शक्ति से शब्द अपने स्वाभाविक साधारण बोलचाल में प्रसिद्ध अर्थ को बताता है, उसे अभिधा शब्द शक्ति कहते हैं।
स्वाभाविक अर्थ को बताने वाला शब्द 'वाचक' कहलाता है। इन शब्दों के अर्थ को वाच्यार्थ कहते हैं।
उदाहरण:-मैंने रोटी खाई।
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टीप:- यहाँ रेखांकित शब्द'रोटी' का  अर्थ  सामान्य  रूप से भोजन  सामग्री से है,साधारण अर्थ है।



 लक्षणा शब्द शक्ति किसे कहते हैं?

जब कोई शब्द अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ प्रकट करे तब उसे लक्षणा शब्द शक्ति कहते हैं।
जो शब्द लक्षणा से अर्थ बतायें, उसे लक्षक कहते हैं। लक्षक के अर्थ को लक्ष्यार्थ कहते हैं।
उदाहरण:- गरीबों की रोटी मत छीनो।
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टीप:-यहाँ रेखांकित शब्द'रोटी' का सामान्य अर्थ
व्यंजना शब्द शक्ति किसे कहते हैं?
जो अर्थ अभिधा और लक्षणा से नहीं बताया जा सके अर्थात जब शब्द अपने सामान्य अर्थ को छोड़ कर बहुत सा विशेष अर्थ प्रकट करे तब उसे व्यंजना शब्द शक्ति कहते है।
उदाहरण 1:-महाराणा प्रताप मेवाड़ के 'शेर' थे।
टीप:-यहाँ 'शेर' के बहुत से अर्थ प्रकट होते हैं:-
शेर-बहादुर,
शेर-सर्वश्रेष्ठ,
शेर-सर्वोत्कृष्ट
इसलिए यहाँ व्यंजना शब्द शक्ति है।
उदाहरण2:-सूर्य डूब गया।
टीप:-सूर्य डूबने के बहुत अर्थ प्रकट होते है:-
चरवाहे के लिए-जानवरों को घर ले जाना।
बहु के लिए     -दीपक जलाना।
भक्त के लिए    -प्रार्थना करना।
भिन्न-भिन्न परिस्थितियों और व्यक्तियों के लिए सूर्य का डूबना अलग-अलग अर्थ व्यंजित करती है इसलिए यहाँ व्यंजना शब्द शक्ति है।


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